कार्यक्रम के बारे में

स्थानीय सरकारी संस्थाओं और विकास संगठनों को मजबूत बनाने हेतु इस कार्यक्रम की संरचना बहु-आयामी और अंतर-क्षेत्रीय ज्ञान के आधार पर किया गया है। पाठ्यक्रम, युवाओं को विकेंद्रीकृत शासन की गतिशीलता का विश्लेषण करने और स्थानीय आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय को साकार करने की दिशा में अपेक्षित कौशल से उन्हें सक्षम बनाता है। इस क्षेत्र में नई प्रवृत्तियों जैसे ई-गवर्नेंस, सार्वजनिक संपत्ति संसाधन प्रबंधन, सार्वजनिक नीति, सतत शहरों, आपदा और जोखिम प्रबंधन, कार्यक्रमों और परियोजनाओं का मूल्यांकन, निर्वाचन क्षेत्र प्रबंधन आदि को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। यह शिक्षार्थियों को “क्षैतिज लर्निंग“ सिद्धांतों को लागू करने, “जमीनी स्तर पर सुशासन“ को प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को पहचानने, बाँटने और अनुग्रहण करने हेतु सक्षम बनाता है। विषयगत कार्यशालाओं, सीख यात्राओं, इंटर्नशिप, क्षेत्र आधारित अध्ययन, सामाजिक प्रयोगशाला, अनुभवात्मक अधिगम आदि, कार्यक्रम का मूल्य बढ़ाते हैं और शिक्षार्थियों में विविध कार्य परिस्थितियों में कार्य करने हेतु रोजगारिता कौशल का संवर्धन करता है।

कार्यक्रम का उद्देश्य:

• सामाजिक प्रासंगिकता के साथ जिम्मेदार नागरिक के रूप में शिक्षार्थी को मोल्ड करने के लिए, ज्ञान, दृष्टिकोण और कौशल की प्रासंगिक जानकारी प्रदान कर स्थानीय सरकारी संस्थानों के सशक्तिकरण, विकास संगठनों और नागरिक समाज के लिए योगदान करने के लिए उन्हें सक्षम करना।

• स्थानीय सरकारी संस्थाओं के कामकाज में एक सक्रिय और जिम्मेदार नेतृत्व की भूमिका निभाने हेतु शिक्षार्थियों को तैयार करना।

• नियोजन, क्रियान्वयन और विभिन्न विकास और कल्याण कार्यक्रमों की निगरानी में युवाओं में क्षमता का विकास करना।

• प्रभावी ढंग से आपदा प्रबंधन और सतत विकास में भाग लेने के लिए युवाओं को सक्षम बनाना।

• शासन और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत पहलों पर सुझाव देना।
• लगातार 'जमीनी स्तर पर सुशासन' को साकार करने के लिए प्रयास करते रहना।

शिक्षार्थियों को शासन और विकास में 'विषय' के बजाय 'वस्तुओं के रूप में', अर्थात 'लाभार्थियों' के बजाय 'सूचित नागरिकों' के रूप में सक्रीय रूप से भाग लेने हेतु सशक्त बनाना।