Celebrated ‘ National Youth Day’ to mark 155th Birth Anniversary of Swami Vivekananda on 12/01/2018.

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श्रीपेरुम्बुदूर, 12 जनवरी 2018 - राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान (आरजीएनआईवाईडी) ने आज अपने परिसर में स्वामी विवेकानंद की 155 वीं जयंती के अवसर पर 'राष्ट्रीय युवा दिवस' का अनुपालन किया। तीस साल के युवा सन्यासी विवेकानंद द्वारा 27 दिसंबर, 1892 को पक्षपोषित मंत्र अपने अधिकारों के लिए “उठो, जागृत हो और मांग करों” को अपनाने का समय आ गया है।  

इस्कॉन, नेल्लोर के अध्यक्ष, स्वामी एच. एच. सुखदेव ने “युवा विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए आध्यात्मिक शिक्षा और अभ्यास” की आवश्यकता विषय पर एक विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के वर्तमान युग में मानव जाति को एकजुट करने हेतु धर्मों से परे, आध्यात्मिक भागफल (एसक्यू) की आवश्यकता है।

सुखदेव स्वामी ने कहा कि, सभी शास्त्रों में पवित्र मंत्र हैं जिसके उच्चारण द्वारा लोग एक स्वस्थ जीवन जीने और अपने दोषों पर काबू पाने के लिए गुण विकसित कर सकते हैं। भगवान सिर्फ आराम से जीवन जीने के लिए ही नहीं बल्कि चरित्रपूर्ण जीवन जीन के लिए और सुखी जीवन के लिए नही अपितु पवित्र जीवन के लिए हैं।

स्वामी सुखदेव ने विसतृत किया कि जिंदगी अनन्त जीवन जीने की एक तैयारी है, अन्यथा यह  रहस्य पूर्ण और दुखमयी है।

इससे पूर्व प्रो. मदन मोहन गोयल, निदेशक, आरजीएनआईवाईडी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए युवाओं को समय के उचित उपयोग के लिए आवाहन किया और कहा कि एक घंटे के उचित खर्च से 1000 गुना लाभ होता है और एक घंटे के अनुचित खर्च 1000 गुना हानि होती है।

प्रोफेसर गोयल ने कहा कि युवाओं के बीच धैर्य को गतिशील रूप में विकसित करने हेतु, हमें “हेस्ट मेक्स वेस्ट” के कथन को समझने की आवश्यकता है। जल्दबाजी और आतुरता अक्सर देरी का कारण होता, प्रात: शीघ्र उठने से समय की अधिकता होने का अहसास होता है जो एक के लिए काम करने हेतु पर्याप्त है।

प्रोफेसर वसन्ती  राजेंद्रन ने धन्यवाद का प्रस्ताव दिया। डॉ राम बाबू बोचा ने कार्यक्रम का समन्वय किया। इस अवसर पर सुख्देव स्वामी जी ने आरजीएनआईवाईडी के परिसर में एक पौधा लगाया।

 

 

 

 

 

Sriperumbudur, January12, 2018   

Rajiv Gandhi National Institute of Youth Development (RGNIYD)    celebrated ‘ National Youth Day’  to mark  155th Birth Anniversary of Swami Vivekananda   here today.  The time has come to stand up, wake up and claim one’ right as advocated by thirty years young Sannyasi  Vivekananda   on December 27, 1892.

 

H.H. Sukadeva Swami, President, ISKCON, Nellore delivered special lecture on the topic ‘Spiritual Education and Practice for Youth Development and Nation Building’. He said that beyond religions, spiritual quotient (SQ) is there which can unify mankind as needed in the present era of globalization.

 

 There are holy chants in all the scriptures which can make people live a healthier life and develop virtues to overcome prevailing vices, spoke Sukadeva Swami.

God is not just for comfortable life but characterful life, not for happy life but holy life, told Sukadeva Swami. Life is a preparation for eternal life otherwise life remains a mystery and misery, explained Sukadeva Swami.

 

Earlier Prof. Madan Mohan Goel, Director, RGNIYD while welcoming the chief guest of the day  appealed the youth for proper utilization of time by saying that an hour spent in worthwhile actions there can be a gain of 1000 times and a waste of one hour in useless actions there is a loss of 1000 times.

 

To cultivate patience as dynamic form among youth, we need to understand ‘haste makes waste’. The quickness and hurry leads to delay most of the time with the exception of getting up early in the morning which is necessary and sufficient to enhance working time for one self, said Professor Goel.

 

Professor Vasanthi Rajinderan proposed the vote of thanks. Dr.Ram Babu Bocha  co-ordinated the programme. Sukadeva Swami also planted the tree on the occasion. Around 120 students and faculty of RGNIYD attended the programme.